
सऊदी अरब के रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूतियों ने पहले भी हमला किया था। यह तस्वीर 19 सितंबर 2026 की है।
सऊदी अरब के दो एयरपोर्ट्स पर हूती विद्रोहियों ने ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई है। साथ ही 36 लोग घायल हुए हैं। सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 6 और 7 अक्टूबर को निशाना बनाया गया। हूती विद्रोहियों ने दोनों हमलों की जिम्मेदारी ली है।
वहीं, यमन में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने हूतियों के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है।

सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
विदेशी नागरिकों ने हमले में जान गवाईं
आभा एयरपोर्ट पर हमले में मोरक्को और अल्जीरिया की दो महिला नागरिकों की मौत हुई। साथ ही यहां 28 लोग घायल हुए, जिनमें सऊदी, बांग्लादेशी और फिलीपींस के नागरिक शामिल हैं।
वहीं, किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक सूडानी नागरिक की मौत हुई। यहां 8 लोग घायल हुए, जिनमें 5 सऊदी नागरिक, 2 मिस्र के निवासी और एक पाकिस्तानी निवासी शामिल हैं।
GACA ने बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही अधिकारी सुविधाओं की सुरक्षा की जांच कर रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।
हूतियों ने अरामको रिफाइनरी पर हमले का भी दावा किया
इससे पहले हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी अरब में कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने की जिम्मेदारी ली थी। इसमें रबीघ में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी अरामको पर हमला भी शामिल है।
सरी ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि संगठन ने बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए तीन बड़े सैन्य अभियान चलाए।
- पहले हमले में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। सरी ने दावा किया कि हमला सीधे लक्ष्य पर हुआ और इससे हवाई यातायात प्रभावित हुआ।
- दूसरे हमले में रबीघ स्थित अरामको की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। सरी ने दावा किया कि हमले के बाद वहां आग लग गई।
- तीसरे हमले में हूतियों ने आभा एयरपोर्ट, खमिस मुशैत एयरबेस और असीर क्षेत्र के अकिफा कैंप को निशाना बनाने का दावा किया। इसके अलावा नजरा और जिजान में अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर भी हमले किए जाने की बात कही गई।
सरी ने दावा किया कि ये हमले यमन पर सऊदी अरब के हमलों के जवाब में किए गए। उनके मुताबिक, इससे पहले के 24 घंटों में सऊदी अरब ने यमन पर 60 हवाई और मिसाइल हमले किए थे।

सऊदी ने यमन में मिसाइल लॉन्च करने वाला ठिकाना नष्ट किया
इस बीच, यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया कि उसने रियाद पर हमले के लिए इस्तेमाल किए गए एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट कर दिया है।
गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि यह कार्रवाई यमन की राजधानी सना में की गई। उनके मुताबिक, वहां सऊदी अरब पर एक और हमले की तैयारी चल रही थी और हमला जल्द किया जा सकता था।
यमन में हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान जारी
यमन सरकार हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान चला रही है। इसका मकसद यमन और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास कब्जाए इलाकों को वापस पाना है। इस सैन्य अभियान में यमन सरकार को सऊदी अरब से समर्थन मिल रहा है।
सितंबर में हूतियों ने यमन के लाल सागर तट पर तेजी से बढ़ते हुए मोचा शहर और बाब अल-मंदेब के आसपास के कई अहम इलाकों पर कब्जा कर लिया था। इससे इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर हूतियों की पकड़ मजबूत हो गई थी।
लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। 5 अक्टूबर को सऊदी समर्थित यमनी सेना ने हूतियों के खिलाफ बड़ा जवाबी अभियान शुरू किया। यमनी सेना ने बाब अल-मंदेब के पास धुबाब इलाके और कई अहम ठिकानों पर दोबारा कब्जे का दावा किया।
इसके बाद सेना मोचा की तरफ बढ़ी और यमनी सरकार ने शहर को भी हूतियों से वापस लेने का दावा किया। रॉयटर्स के मुताबिक, सरकारी बलों ने हूतियों को पिछले महीने कब्जे में लिए गए ज्यादातर इलाकों से पीछे धकेल दिया है।

हूतियों का दावा- यमन में सरकारी बलों पर 11 मिसाइलें दागीं
अल जजीरा के मुताबिक, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि पिछले 24 घंटे में संगठन ने यमन में सरकारी बलों के 11 ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए।
सरी के मुताबिक, यमनी सरकार के बलों को बाब अल-मंदेब के पास प्रमुख रास्तों पर निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में दर्जनों लोग हताहत हुए, जिनमें सैन्य कमांडर भी शामिल थे। कई गाड़ियां भी नष्ट हो गईं।
हूती प्रवक्ता ने अलग से दावा किया कि संगठन ने सऊदी अरब के समर्थन वाले जायंट्स ब्रिगेड पर भी बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। उसके मुताबिक, इस हमले में 30 से ज्यादा लोग मारे गए या घायल हुए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक 270 से ज्यादा सरकारी सैनिकों और हूती लड़ाकों की मौत हो चुकी है।






