
आचार्य 108 वर्धमान सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में रविवार को सीकर में बाल संस्कार पाठशाला अधिवेशन आयोजित हुआ। इसमें टोंक से करीब 250 बच्चे, महिलाएं और श्रद्धालु पांच बसों से उत्साहपूर्वक शामिल हुए। अधिवेशन में बच्चों को जैन धर्म के सिद्धांतों के साथ अहिंसा, सत्य, संयम, सदाचार और संस्कारमय जीवन का महत्व बताया गया।

बच्चों को भगवान जिनेंद्र देव की भक्ति, देव-शास्त्र-गुरु के प्रति श्रद्धा तथा माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान की प्रेरणा दी गई। विभिन्न धार्मिक एवं संस्कारमय गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को धर्म और नैतिक मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। समाज प्रवक्ता पवन कंटान एवं कमल सर्राफ ने बताया कि अधिवेशन का उद्देश्य बच्चों में धर्म के प्रति आस्था, भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और अच्छे संस्कारों का विकास करना रहा। आचार्यश्री के मंगल सानिध्य और आशीर्वचन से बच्चों में विशेष उत्साह रहा। इस दौरान टोंक जैन समाज की ओर से आचार्य 108 वर्धमान सागर महाराज को शीतकालीन प्रवास के लिए श्रीफल भेंट कर टोंक पधारने का विनयपूर्वक निवेदन किया गया। समाजजनों ने आचार्यश्री के सानिध्य और आशीर्वाद को टोंक समाज के लिए सौभाग्य बताया। इस दौरान विमल बरवास, लालचंद फूलता, अशोक बोरदा, नीतू छामुनिया, पप्पू नमक, धर्मेंद्र जैन पासरोटिया, अंकुर पाटनी, चेतन जैन, मुकेश, उमेश संघी सहित टोंक से गए कई श्रद्धालु मौजूद रहे।




