
न्यूज| टोंक राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि निर्वाचन आयोग का काम है निर्बाध चुनाव-मतदान कराना। अगर स्थानीय किसी मुद्दे या विवाद पर मतदान बहिष्कार की परिस्थिति बनती है तो स्थानीय प्रशासन-पुलिस को उसका समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा, कि अधिकारी प्रभावित लोगों से बात करे, क्योंकि संवाद से सभी समस्याएं हल हो जाती हैं। राजेश्वर सिंह सोमवार को टोंक प्रवास के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे। डारडा हिंद के लोगों के मतदान का बहिष्कार करने की घोषणा को लेकर पूछे गए सवाल पर निर्वाचन आयुक्त जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कलेक्टर-एसपी अपने अधिकारी भेजें या खुद जाएं, संवाद के जरिए समस्या का हल निकाला जाना चाहिए। लोगों में जागरुकता बढ़ी है, इसलिए कई बार अपनी बात को रखने या मनवाने के लिए मतदान के बहिष्कार जैसा कदम उठाने की कोशिश की जाती है। लेकिन प्रशासन को ऐसी परिस्थिति ही नहीं बनने देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि निकाय चुनाव के लिए लोगों को अधिक समय नहीं मिला है, लेकिन जो हमेशा पब्लिक के बीच रहा है, उसके लिए तो कभी चुनाव हो, कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि टोंक कलेक्टर और एसपी के साथ जिले के संवेदनशील व अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों, मतदाताओं की सुविधाओं, मतदान दलों के गठन की तैयारियों की समीक्षा की है। राजेश्वर सिंह ने सभी से मतदान करने और चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शिता और निष्पक्षता से पूर्ण करवाने की अपील की। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने सोमवार को टोंक पहुंचकर नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। फिर एपीआरटीएस स्थित रिटर्निंग अधिकारी कक्ष का निरीक्षण कर अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के निर्देश दिए। जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) टीना डाबी, एसपी रोशन मीणा सहित अधिकारियों के साथ बैठक में कानून व्यवस्था, पुलिस प्रबंध, मतदान दल, मतदान केंद्र, दिव्यांग मतदाताओं की सुविधाएं, स्वीप गतिविधियों और मतगणना व्यवस्था की समीक्षा की।






