
डिजिटल लाइब्रेरी की पहल को मिला सम्मान, एक ही दिन उपखंड, ग्राम पंचायत और विद्यालय स्तर पर किया सम्मानित
नासिरदा। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षक महेन्द्र कुमार रेगर को एक ही दिन तीन अलग-अलग स्तरों पर सम्मानित किया गया।
उपखंड स्तर पर देवली, ग्राम पंचायत नासिरदा तथा विद्यालय परिवार की ओर से मिले इस त्रिस्तरीय सम्मान ने न केवल शिक्षक महेन्द्र कुमार रेगर का गौरव बढ़ाया, बल्कि नासिरदा एवं रेगर समाज के लिए भी इसे गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

शिक्षक महेन्द्र कुमार रेगर को उनके शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों एवं समाजहित में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। विशेष रूप से ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की दिशा में किए गए प्रयास को उनकी महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया।
ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की पहल
डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों एवं बेहतर शैक्षणिक सामग्री से जोड़ने की पहल ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से विद्यार्थियों को बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप अध्ययन के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
महेन्द्र कुमार रेगर ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय स्वयं लेने के बजाय रेगर समाज, नासिरदा एवं टोंक जिले के सम्मानित भामाशाहों और सहयोगकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि भामाशाहों के सहयोग, विश्वास और समाजसेवा की भावना के बिना डिजिटल लाइब्रेरी जैसे महत्वपूर्ण कार्य को साकार करना संभव नहीं था।

उन्होंने कहा, “यह सम्मान मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी भामाशाहों, समाजबंधुओं और सहयोगियों का सम्मान है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए अपना योगदान दिया।”
सम्मान ने बढ़ाई जिम्मेदारी
महेन्द्र कुमार रेगर ने सभी भामाशाहों, समाजबंधुओं, ग्राम पंचायत नासिरदा एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नासिरदा के विद्यालय परिवार का हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि एक ही दिन तीन अलग-अलग स्तरों पर मिला सम्मान उनके लिए गर्व का विषय है। साथ ही यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने तथा विद्यार्थियों के हित में नई पहल करने के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करता है।
स्वतंत्रता दिवस पर मिला यह त्रिस्तरीय सम्मान इस बात का उदाहरण है कि जब समाज, भामाशाह और शिक्षा जगत से जुड़े लोग मिलकर प्रयास करते हैं, तो ग्रामीण क्षेत्र में भी शिक्षा के क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है।





