
राहुल गोंदिया से कार से बालाघाट पहुंच रहे हैं। पीड़ित परिवारों को जांच के बाद कार्यक्रम स्थल पर एंट्री दी जा रही है।
राहुल गांधी ने गुरुवार को बालाघाट के बिरसा ब्लॉक में माटे प्राथमिक शासकीय स्कूल में बच्चों से 15 मिनट मुलाकात की। उनसे मिड डे मील के बारे में जाना।

इसके बाद वे जगला गांव के लिए रवाना हो गए। यहां वे उन बैगा आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे, जिनकी बीमारी के चलते मौत हुई है। कार्यक्रम स्थल पर करीब डेढ़ हजार लोग पहुंचे हैं।
बालाघाट जिले में पिछले 3 महीनों में कुपोषण और मलेरिया से 32 आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। राहुल उन पांच बच्चों के परिवारों से मिलेंगे, जिनकी मौत प्रशासन के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। उधर, बीजेपी ने इस दौरे को राजनीतिक माइलेज लेने की कवायद बताया है।
दरअसल, मध्य प्रदेश में करीब हर 5 में से 1 व्यक्ति आदिवासी है। 2011 की जनगणना के मुताबिक राज्य की आबादी में आदिवासियों की हिस्सेदारी 21.1% थी।
इसका असर चुनाव में भी दिखता है। राज्य की 230 विधानसभा सीटों में 47 सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा 37 सीटों पर और असर है। यानी कुल 84 सीटों पर आदिवासी वोट का असर महत्वपूर्ण माना जाता है। लोकसभा में भी मध्य प्रदेश की 29 सीटों में 6 सीटें ST के लिए आरक्षित हैं।
2018 में आदिवासी वोटरों के समर्थन से कांग्रेस सत्ता में आई
2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा की 47 ST आरक्षित सीटों में से BJP ने 24, कांग्रेस ने 22 और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने 1 सीट जीती।
वहीं, 2018 में कांग्रेस ने 30 और BJP ने 16 ST सीटें जीती थीं। उस चुनाव में कांग्रेस को आदिवासी बहुल सीटों पर बढ़त मिली और पार्टी ने सरकार बनाई। इसके मुकाबले 2023 में BJP ने ST आरक्षित सीटों पर बेहतर प्रदर्शन किया और सत्ता में वापसी की।





