मुंडिया स्थित राजस्थान ग्रामीण बैंक शाखा ने अपने सेवा क्षेत्र में वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता शिविर ‘किसान चौपाल’ का आयोजन किया। इस चौपाल का उद्देश्य किसानों को वित्तीय जानकारी और आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराना था।
नाबार्ड बैंक जयपुर के उप महाप्रबंधक सतपाल आजाद ने किसानों को खरीफ फसलों के बीमा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कृषकों को आर्थिक नुकसान से बचने के लिए फसल बीमा के महत्व को समझाया। आजाद ने नाबार्ड बैंक द्वारा कृषि एवं ग्रामीण विकास हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी और किसानों को कृषि उत्पादन तथा आय बढ़ाने के लिए इन योजनाओं का लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।
नाबार्ड बैंक, बूंदी एवं टोंक के डीडीएम मोहित कुमार ने सभी किसानों को खेती में आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को खेती के साथ-साथ पशुपालन तथा अन्य सहायक रोजगार अपनाने की भी सलाह दी, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
राजस्थान ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक सुदर्शन पारीक ने किसानों को केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण खातों में समय पर रोटेशन करने के फायदे बताए। उन्होंने किसानों से अपनी साख और सिबिल रिपोर्ट अच्छी बनाए रखने का अनुरोध किया, जो भविष्य में ऋण प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।

चौपाल में कृषि बीमा के प्रतिनिधि रवि गुर्जर और ब्लॉक वित्तीय सलाहकार सांवरा चौधरी ने भी किसानों को फसल बीमा तथा वित्तीय साक्षरता के संबंध में उपयोगी जानकारी प्रदान की। शाखा प्रबंधक श्री गणेश कुमार मीणा ने सभी किसानों को बैंक से अधिक से अधिक जुड़ने का आह्वान किया और उन्हें बेहतर बैंक सेवाओं का विश्वास दिलाया।
इस किसान चौपाल का मंच संचालन जिला वित्तीय सलाहकार बी. एल. वर्मा द्वारा किया गया। चौपाल में ग्रामवासी राधेश्याम वर्मा, मदनलाल उप सरपंच, बैंक मित्र रामसिंह मीणा, पप्पूलाल मीणा, शिवदयाल गुर्जर, नाथूलाल मीणा, गंगा सहाय मीणा, रामकुवार मीणा, मदन लाल अध्यापक, गुलाब सिंह राजावत, रामेश्वर मीणा, राजीविका से रुकिया बानो, आशा मीणा, संजू देवी, अनीता कंवर सहित कई ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूह की सदस्यों ने भाग लिया।






