निवाई, 4 घंटे पहले

निवाई उपखंड के हमीदपुरा स्थित माथोलाव बांध में निवाई शहर से लगातार गंदा सीवेज और दूषित पानी बहने की दिक्कत पर राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। यह याचिका बांध के पानी की सफाई और उसके मूल स्वरूप की बहाली को लेकर दायर की गई थी।


बांध में सीवरेज का पानी छोड़ने से हो रहा प्रदूषण।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई की। बेंच ने जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए निर्देश जारी किए।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता सूरजमल गुर्जर की ओर से अधिवक्ता सुनील कुमार जांगिड़ और अधिवक्ता जयसिंह राठौड़ ने बेंच के सामने मजबूत दलीलें रखीं। अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि माथोलाव बांध में लंबे समय से सीवेज और दूषित कचरा पानी बह रहा है।इससे बांध का पूरा पानी बुरी तरह दूषित हो गया है। पर्यावरण और जल स्रोतों पर भी खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कोर्ट से मांग की कि बांध की तुरंत बड़े पैमाने पर सफाई करवाई जाए और दूषित पानी का बहाव रोकने के लिए प्रशासन को जरूरी आदेश दिए जाएं।
इस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए संबंधित अधिकारी को तय समय सीमा में जरूरी और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।




