
निवाई के सहस्त्र कूट जिनालय विज्ञातीर्थ गुन्सी में भाद्रपद नवमी पर भगवान शांतिनाथ जी का गर्भ कल्याणक दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मूलनायक भगवान शांतिनाथ जी का मंत्रोच्चारण के साथ अभिषेक और शांतिधारा की।
कार्यक्रम में श्रेष्ठी कवि चंद्रेश जैन, विमल पाटनी और विमल सोगानी ने मूलनायक भगवान शांतिनाथ जी के सामने दीप जलाया।
मीडिया प्रभारी सुनील भाणजा और जैन धर्म प्रचारक विमल जौंला ने बताया- आर्यिका विज्ञाश्री माताजी और आर्यिका ज्ञानश्री माताजी के सानिध्य में भगवान शांतिनाथ और देव शास्त्र गुरु की विशेष पूजा अर्चना की गई।
धर्म सभा को संबोधित करते हुए आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने कहा कि परिचय के बिना प्रेम नहीं होता और प्रेम के बिना आनंद कोसों दूर रहता है। उन्होंने बताया कि संसार और मोक्ष का पूरा व्यवहार विश्वास पर टिका है। विश्वास से ही मित्र और भाईचारे के संबंध बनते हैं।
आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने कहा कि जिनेन्द्र भगवान की अर्चना से बढ़कर कोई दूसरी औषधि नहीं है।




