निवाई, 3 घंटे पहले

निवाई में सकल दिगम्बर जैन समाज के तहत दिगम्बर जैन शांतिनाथ अग्रवाल मंदिर में श्रावक संस्कार शिविर चल रहा है। इस शिविर में कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने उत्तम आकिंचन धर्म पर प्रवचन दिए।

आचार्य ने बताया कि आकिंचन धर्म का मतलब बाहरी चीजों के प्रति मोह और लगाव छोड़ना है। उन्होंने कहा कि मनुष्य धन, संपत्ति और भौतिक वस्तुओं को अपना मानकर मोह में बंध जाता है। आत्म-कल्याण के लिए लालच की भावना को कम करना और राग-द्वेष, मोह, अहंकार व लोभ जैसे बुरे विचारों को छोड़ना जरूरी है।

ध्यान और योग के बाद मंगलाचरण हुआ
चातुर्मास कमेटी के प्रवक्ता सुनील भाणजा और विमल जौंला ने बताया कि शिविर में ध्यान और योग के बाद मंगलाचरण हुआ। इसके बाद शांतिनाथ भगवान का अभिषेक, पंचामृत अभिषेक और शांतिधारा की गई।
शाम को आर्यिका सुलक्ष्यमति माताजी के साथ श्रद्धालुओं ने प्रतिक्रमण किया। इसके बाद महाआरती हुई। दस उपवास की साधना करने वाले श्रावक-श्राविकाओं के लिए मेहंदी कार्यक्रम और विनती का धार्मिक कार्यक्रम भी हुआ।
20 से ज्यादा श्रावक दस उपवास की साधना कर रहे
चातुर्मास कमेटी के प्रवक्ता हितेश छाबड़ा ने बताया कि आचार्य सुंदर सागर महाराज के साथ 20 से ज्यादा श्रावक दस उपवास की साधना कर रहे हैं। वहीं, 25 से ज्यादा श्रावक तीन उपवास कर रहे हैं। सुनील भाणजा ने बताया कि दशलक्षण महापर्व के दौरान रोज धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं और आचार्यश्री के प्रवचनों का लाभ श्रद्धालुओं को मिल रहा है।
दशलक्षण महापर्व के दौरान तपस्या, पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों से मंदिर का माहौल भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु मंदिर में धर्म का लाभ ले रहे हैं।





