
राजस्थान में 309 शहरी निकायों के चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। 9 और 11 सितंबर को वोटिंग के बाद 14 सितंबर को रिजल्ट आएगा। इसी के साथ आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है।
आचार संहिता वाले क्षेत्रों में ज्यादातर सरकारी कामों पर अस्थाई रोक रहेगी। ये रोक उन कामों पर रहेगी, जिनसे वोटरों को लुभाकर चुनावी लाभ मिलने का अंदेशा रहता है।
क्या आचार संहिता के चलते गली-मोहल्ले में बन रही सड़कों का काम रुक जाएगा? किसी तरह की सब्सिडी-पेंशन मिल रही है, उस पर पाबंदी लग जाएगी? क्या 38 हजार से ज्यादा सरकारी भर्ती अटक जाएगी? अब लोगों के मन में कई सवाल हैं।
आज के राजस्थान एक्सप्लेनर में ऐसे ही 10 जरूरी सवालों के जवाब जानेंगे…
सवाल-1 : आदर्श आचार संहिता क्या होती है?
जवाब : चुनाव को निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के कराने के लिए चुनाव आयोग ने कुछ नियम बनाए हैं, जिन्हें आचार संहिता कहा जाता है। चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए इन नियमों का पालन करना जरूरी होता है। इसके जरिए यह बताया जाता है कि चुनाव के समय नेताओं और पार्टियों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

सवाल-2 : किन-किन जगहों पर लागू रहेगी?
जवाब : राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिका क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। कुल 34 दिन तक यानी 22 सितंबर तक निकायों के उपाध्यक्ष चुनाव तक लागू रहेगी।
यह सिर्फ 309 नगर निकाय क्षेत्रों पर लागू हुई है, जहां चुनाव होने हैं, इसलिए असर भी केवल इन्ही क्षेत्रों तक ही रहेगा। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक इन क्षेत्रों में सरकार और प्रशासन को आयोग के नियमों का पालन करना होगा।
सवाल- 3 : क्या आचार संहिता में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर हो सकेंगे?
जवाब : सामान्य तौर पर नहीं। संबंधित क्षेत्र में प्रशासनिक फेरबदल पर रोक रहेगी। अगर किसी अधिकारी का तबादला बेहद जरूरी है तो इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति लेनी होगी। यही वजह रही कि सरकार ने भी जरूरी प्रशासनिक बदलाव आचार संहिता से पहले कर लिए।
- 19 अगस्त : आचार संहित के कुछ घंटे पहले ही 21 RAS अफसरों के तबादले हुए।
- 18 अगस्त : 57 एडिशनल एसपी और 24 डीएसपी, 26 आईएएस और 53 आरएएस अधिकारियों के तबादले हुए।

राज्य निर्वाचन आयोग दो चरणों में चुनाव कराएगा। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को वोटिंग होगी, रिजल्ट 14 सितंबर को आएंगे।
सवाल-4: भर्तियों और नियुक्तियों पर कितना पड़ेगा असर?
जवाब : नई भर्ती शुरू करने या नया विज्ञापन जारी करने पर रोक रहेगी। खासकर ऐसी भर्ती पर, जिसका सीधा संबंध चुनाव वाले निकायों से हो। किसी नई प्रक्रिया को शुरू करने से पहले आयोग की अनुमति की जरूरत पड़ सकती है।
- अगर चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन नियुक्ति पत्र जारी होना बाकी है, तो संबंधित विभाग को आचार संहिता के नियम देखने होंगे।
- जिन भर्ती परीक्षाओं की तारीखें आचार संहिता से पहले घोषित हैं, उन्हें तय शेड्यूल के मुताबिक कराया जा सकता है। जैसे- RSSB की कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती परीक्षा का आयोजन 22 और 23 अगस्त को होगा।

सवाल-5: क्या पेंशन, बिजली बिल में सब्सिडी रुक जाएगी?
जवाब: नहीं, पहले से चल रही योजनाओं का लाभ जारी रह सकता है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार जैसी योजनाओं में पहले से स्वीकृत लाभार्थियों को मिलने वाला पैसा सामान्य सरकारी प्रक्रिया के तहत मिलता रहेगा। इसी तरह मुफ्त बिजली योजना के तहत जो सब्सिडी पहले मिल रही है, वह सभी जारी रहेंगे।
सवाल-6 : क्या आचार संहिता के दौरान किसी योजना में नए लाभार्थी जोड़े जा सकेंगे?
जवाब : सामान्य तौर पर नई स्वीकृति या नए लाभार्थियों को जोड़ने पर रोक रहेगी, खासकर अगर इससे मतदाताओं को प्रभावित करने की आशंका हो। किसी नई घोषणा, नए लाभ या नए आर्थिक सहायता के जरिए किसी भी तरह से चुनावी फायदा नहीं उठाया जा सकता।

नए वर्क ऑर्डर पर रोक रहेगी।
सवाल-7 : क्या नई सड़क, नाली, पार्क या स्ट्रीट लाइट के वर्क ऑर्डर जारी किए जा सकेंगे?
जवाब: सड़क, नाली, पार्क सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट लाइट जैसे नए कामों की घोषणा या टेंडर चुनाव के दौरान नहीं कर सकते। खासतौर पर ऐसे काम, जिनसे मतदाताओं पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है, आचार संहिता के दायरे में आएंगे।
सवाल-8: जो विकास कार्य पहले से चल रहे हैं, क्या वे भी रुक जाएंगे?
जवाब : नहीं, जिन कामों के वर्क ऑर्डर आचार संहिता लागू होने से पहले जारी हो चुके हैं और काम मौके पर शुरू हो चुके हैं, उन्हें निर्धारित नियमों के तहत जारी रखा जा सकता है। आचार संहिता का मतलब यह नहीं कि शहर में चल रहे सभी निर्माण कार्य अचानक रुक जाएंगे।

सवाल- 9 : क्या मंत्री, विधायक या मेयर चुनाव प्रचार के लिए सरकारी गाड़ी या सरकारी गेस्ट हाउस इस्तेमाल कर सकते हैं?
जवाब : नहीं, सरकारी गाड़ी, हेलिकॉप्टर, सरकारी रेस्ट हाउस या अन्य सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है। इनका इस्तेमाल केवल आधिकारिक और प्रशासनिक काम के लिए किया जा सकता है। सरकारी संसाधन और पार्टी के चुनावी काम को अलग रखना जरूरी होगा।

सवाल-10 : क्या आचार संहिता लगने के बाद पानी, सफाई और दूसरी जरूरी सेवाएं प्रभावित होंगी?
जवाब : नहीं, आचार संहिता का असर जरूरी जनसुविधाओं पर नहीं पड़ता। पानी सप्लाई, नियमित सफाई, कचरा उठाव, स्ट्रीट लाइट का रखरखाव, अस्पताल और दूसरी आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी।






