
नासिरदा। उपतहसील नासिरदा में नायब तहसीलदार का पद रिक्त होने से क्षेत्र के किसानों और आमजन की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। 31 जुलाई को नायब तहसीलदार बाबूदास स्वामी के सेवानिवृत्त होने के बाद से आज तक पद पर किसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है। इसके चलते उपतहसील में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहा है और ग्रामीणों को अपने जरूरी कार्यों के लिए देवली तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

सरपंच प्रतिनिधि उदय सिंह सांसी ने बताया कि नायब तहसीलदार का पद खाली होने से नासिरदा क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों और ग्रामीणों को अपने छोटे-बड़े राजस्व कार्यों के लिए देवली जाना पड़ रहा है। इससे न केवल उनका समय खराब हो रहा है, बल्कि आने-जाने में अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है।
उपतहसील मौजूद, अधिकारी नदारद—आमजन की सुनवाई कौन करेगा?
ग्रामीणों का कहना है कि नासिरदा में उपतहसील कार्यालय होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी नहीं होने से सरकार की राजस्व सेवाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को दूसरे स्थान पर जाना पड़ रहा है। नामांतरण, राजस्व प्रकरणों सहित विभिन्न आवश्यक कार्यों के लिए देवली के चक्कर काटना किसानों की मजबूरी बन गया है!
लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि 31 जुलाई से पद रिक्त होने के बावजूद अब तक नायब तहसीलदार की नियुक्ति नहीं की गई। आखिर किसानों और आमजन को कब तक परेशानी उठानी पड़ेगी, यह सवाल क्षेत्रवासियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
कुर्सी खाली पड़ी है, किसान चक्कर काट रहे हैं
सरपंच प्रतिनिधि उदय सिंह सांसी सहित क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नासिरदा उपतहसील में तत्काल नायब तहसीलदार की नियुक्ति की जाए, ताकि राजस्व संबंधी कार्य सुचारू हो सकें और किसानों एवं आमजन को देवली के चक्कर लगाने से राहत मिल सके।
मुख्य सवाल यही है—जब नासिरदा में उपतहसील है, तो किसानों को अपने काम के लिए देवली क्यों जाना पड़े?





