देवली, 1 घंटे पहले

देवली उपखंड क्षेत्र के नासिरदा गांव में स्मैक और एमडी जैसे नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार बढ़ रहा है। इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीणों पर अब दबाव बनाने का आरोप है।

ग्रामीणों ने देवली के उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
5-7 सालों से गांव में स्मैक का नशा फैल रहा-ग्रामीण
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 5-7 सालों से गांव में स्मैक का नशा फैल रहा है। इससे सैकड़ों युवा प्रभावित हो रहे हैं। पहले भी ज्ञापन देने पर डीएसटी टीम ने कार्रवाई की थी और 7 तस्करों को पकड़ा था।
अब नशा मुक्ति अभियान को रोकने के लिए गांव के ही एक व्यक्ति ने जयपुर के एक वकील के जरिए 10 निर्दोष ग्रामीणों को निजी कानूनी नोटिस भिजवाया है।
इस निजी नोटिस को गांव में हाईकोर्ट का नोटिस बताकर प्रचारित किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों में डर पैदा हो सके। जांच करने पर इसमें कोर्ट की कोई सील या आदेश नहीं मिला
झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें राष्ट्रीय समाचार पत्रों में माफी न मांगने पर एससी, एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और दुष्कर्म के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं।
ग्रामीणों ने साफ किया कि उनका विरोध किसी खास जाति से नहीं, बल्कि सिर्फ नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि निजी नोटिस के आधार पर 10 ग्रामीणों के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। साथ ही, भ्रम फैलाने और धमकी देने वालों पर कार्रवाई कर ग्रामीणों को सुरक्षा दी जाए।
नशे के खिलाफ पुलिस गश्त और कानूनी कार्रवाई जारी रखी जाए।





