
राज्य सरकार के “नशा मुक्त राजस्थान” अभियान के तहत देवली पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से 8.58 ग्राम शुद्ध स्मैक, 1 लाख 18 हजार 500 रुपये की संदिग्ध नकदी और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार के निर्देश पर टोंक जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मालपुरा) पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी और पुलिस उपाधीक्षक (देवली) हेमराज मुंड के सुपरविजन तथा थाना प्रभारी प्रीति रत्नू के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।
पुलिस को गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि देवली के बैरवा मोहल्ले में एक महिला स्मैक की अवैध बिक्री कर रही है। सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस टीम ने एनडीपीएस एक्ट के सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए मौके पर दबिश दी।
छोटी-छोटी पुड़ियों में मिली स्मैक, अवैध बिक्री की आशंका
तलाशी के दौरान पुलिस ने महिला के कब्जे से 8.58 ग्राम शुद्ध स्मैक बरामद की, जिसे जब्त कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, स्मैक छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक मिली, जिससे उसके अवैध विक्रय और वितरण की आशंका जताई जा रही है।
कार्रवाई के दौरान 1,18,500 रुपये की नकदी, तीन मोबाइल फोन और अन्य सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस इन मोबाइल फोन और नकदी को जांच के महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए इनके माध्यम से तस्करी नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच जारी
गिरफ्तार महिला की पहचान शारदा देवी सांसी (55) पत्नी स्वर्गीय रमेश सांसी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पोल्याडा, थाना दूनी की निवासी है और वर्तमान में देवली के वार्ड संख्या-4 स्थित बैरवा मोहल्ले में रह रही थी।
पुलिस ने आरोपित के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद स्मैक कहां से लाई गई थी और इसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जा रही थी।
महिला के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं कई मामले
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार महिला के विरुद्ध पूर्व में भी आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, उसके दिवंगत पति और पुत्र के खिलाफ भी अवैध शराब तथा अन्य मामलों में पहले कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस अब आरोपित के आपराधिक नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रीति रत्नू के साथ उपनिरीक्षक सत्यनारायण, सहायक उपनिरीक्षक भारत सिंह, हेड कांस्टेबल अब्दुल वहाब, महिला हेड कांस्टेबल रजिया, कांस्टेबल राजेश, रामकिशन, दीपक और चालक प्रभुलाल सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।






