
देवधाम जोधपुरिया के लिए पदयात्राओं का सैलाब उमड़ रहा है।
टोंक जिले के निवाई में स्थित देवधाम जोधपुरिया में 15 सितंबर से तीन दिवसीय लक्खी मेला भरेगा। मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से पदयात्रियों के जत्थे पहुंचेंगे। सभी जत्थों का निवाई में 15 सितंबर को संगम होगा। यहां से जत्थे 16 सितंबर की सुबह जोधपुरिया पहुंचेंगे और देवनारायण भगवान के दर्शन करेंगे।

शुक्रवार सुबह भी बड़ी संख्या में पदयात्रियों का जत्था दौसा-मनोहरपुर हाईवे से होते हुए रायसर-जमवारामगढ़ स्टेट हाईवे से गुजरा। पदयात्री भगवान देवनारायण के भजनों पर नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। पूरा इलाका आस्था के रंग में रंगा दिखा।
दिल्ली, गुजरात, हरियाणा तक से आ रहे
देवधाम जोधपुरिया के लिए दिल्ली, गुजरात, हरियाणा सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु आ रहे हैं। रास्ते में जगह-जगह भामाशाहों और ग्रामीणों की ओर से सेवा शिविर लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए फल, शरबत, चाय और नाश्ते की व्यवस्था की गई हैं।
31 अगस्त को दिल्ली से रवाना हुआ था पहला ध्वज
देवनारायण पदयात्रा समिति सामरेड़ कलां के सदस्य शंकरलाल भड़ाणा और बहलोड निवासी सुदामा राम गुर्जर ने बताया- भगवान देवनारायण की पदयात्राओं का पहला ध्वज 31 अगस्त को दिल्ली से रवाना हुआ था। इसके बाद देश के अलग-अलग क्षेत्रों से ध्वज पदयात्रा में शामिल होते गए और धीरे-धीरे यह कारवां पदयात्राओं के बड़े संगम में बदल गया।
पदयात्राओं का यह संगम विभिन्न स्थानों पर रात्रि विश्राम करते हुए गुरुवार देर शाम बहलोड और सामरेड़ कलां स्थित भगवान देवनारायण मंदिर पहुंचा। यहां श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई। रात में कलाकारों ने भजन संध्या प्रस्तुत की, वहीं रात्रि दंगल का भी आयोजन हुआ।

पदयात्रियों का जगह जगह जेसीबी मशीनों से फूल बरसाकर कर स्वागत किया जा रहा है।
195 ध्वजधारकों का तिलक कर किया स्वागत
शुक्रवार सुबह बहलोड, सामरेड़ कलां, चैनपुरा, दारौलाई, महंगोर, नांगल तथा अलवर जिले के समरा-हमीरपुर सहित आसपास के गांवों से ध्वज के साथ निकली पदयात्राएं भी इस संगम में शामिल हुईं। दौसा-मनोहरपुर हाईवे पर जेसीबी से पुष्पवर्षा कर पदयात्रियों का स्वागत किया गया।
सामरेड़ कलां में 195 ध्वजधारकों का तिलक लगाकर और नारियल भेंटकर अभिनंदन किया गया। पदयात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रायसर पुलिस थाने का जाब्ता भी तैनात रहा।
इस दौरान बहलोड प्रशासक सुदामा राम गुर्जर, महंगी के पूर्व सरपंच जगदीश नारायण गुर्जर, लोकपाल भड़ाना, रामसिंह कसाना, रमेश चनेजा, माधोलाल गुर्जर, दिनेश गुर्जर, रामकल्याण गुर्जर, छोटूराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे।




