
सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बीसलपुर का पानी घर-घर पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। इसके तहत पाइपलाइन बिछाने से लेकर घरों तक नल कनेक्शन दिए गए हैं। हालांकि, इस योजना के बावजूद कई जगहों पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं, दहलोद गांव में साफ पानी के बजाय गंदा पानी आने से ग्रामीण नाराज हैं।
युवा नेता मुकेश डोई दहलोद ने बताया कि गांव में बीसलपुर योजना से पानी की सप्लाई तो हो रही है, लेकिन नलों में गंदा और मटमैला पानी आ रहा है। यह पानी पीने लायक नहीं है और ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि दूषित पानी पीने से ग्रामीणों में कई तरह की बीमारियां फैलने की आशंका है।
मुकेश डोई ने यह भी बताया कि सरकार ने बीसलपुर परियोजना पर लोगों को साफ और पर्याप्त पानी देने के मकसद से बड़ी रकम खर्च की है। इसके बावजूद अगर ग्रामीणों को पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है, तो योजना के काम पर सवाल उठना लाजिमी है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई जगहों पर पाइपलाइन और नल कनेक्शन होने के बाद भी नियमित रूप से पानी नहीं मिल रहा है। खासकर दूर की ढाणियों में रहने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि दहलोद में सप्लाई हो रहे पानी के सैंपल लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच की जाए। साथ ही, पाइपलाइन और पानी की टंकियों की भी जांच हो, ताकि गंदे पानी का कारण पता चल सके।
मुकेश डोई ने प्रशासन और जलदाय विभाग से अपील की है कि ग्रामीणों को जल्द से जल्द साफ और पर्याप्त पीने का पानी उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना का मकसद सिर्फ नल कनेक्शन देना नहीं, बल्कि हर परिवार को नियमित रूप से साफ पानी देना है।





