झिलाई (निवाई), 36 मिनट पहले

दतवास कस्बे में लाल मुंह वाले बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। बंदर रोजाना मकानों की छतों पर रखी पानी की टंकियां तोड़ रहे हैं। वे छतों पर सूखने के लिए डाले गए कपड़े और दूसरा घरेलू सामान भी उठाकर ले जाते हैं। कई बार बंदर कपड़ों को फाड़कर नुकसान पहुंचाते हैं।

ग्रामीण उम्मेद सिंह, कोमल और भंवरी देवी ने बताया कि बंदरों की परेशानी सिर्फ छतों तक सीमित नहीं है। ये बंदर घरों के अंदर तक घुस जाते हैं। वहां से घरेलू सामान और खाने का सामान उठाकर ले जाते हैं।
जब उन्हें भगाने की कोशिश की जाती है, तो वे हमला कर देते हैं। इससे कई ग्रामीण घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बंदरों ने कई महिलाओं को भी काटा है।
बंदर के काटने के बाद अस्पताल जाकर रेबीज के टीके लगवाने पड़ते हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बंदरों के डर से बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने से भी डरते हैं। छतों पर रखी पानी की टंकियों और घरेलू सामान की सुरक्षा को लेकर लोग परेशान हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जुड़े विभाग से मांग की है कि बंदरों को पकड़कर कस्बे से दूर सुरक्षित जगह पर छोड़ा जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस परेशानी से छुटकारा नहीं मिला, तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।




