पंडित दीन दयाल उपाध्याय कृषि महाविद्यालय सिरोही देवली टोंक में विद्यार्थियों को शहद प्रसंस्करण (हनी प्रोसेसिंग) की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को शहद की प्रोसेसिंग से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करने के साथ ही उन्हें व्यावहारिक रूप से प्रक्रिया को समझाया गया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. दयाशंकर मीना ने विद्यार्थियों को शहद प्रसंस्करण की बारीकियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि शहद को उपयोग के लिए तैयार करने की प्रक्रिया में स्वच्छता, उचित प्रसंस्करण और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को शहद की प्रोसेसिंग की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझने और देखने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ इस गतिविधि में भाग लिया तथा शहद प्रसंस्करण से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
इस प्रकार की व्यावहारिक गतिविधियां विद्यार्थियों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की तकनीकी प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती हैं। कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान के साथ जब विद्यार्थियों को वास्तविक प्रक्रिया का अनुभव मिलता है, तो उनके व्यावहारिक ज्ञान और कौशल में भी वृद्धि होती है।





