टोंक,

जैन नसिया में धार्मिक कार्यक्रम में मौजूद जैन समाज के लोग। ।
टोंक में 600 साल पुरानी जिन प्रतिमाओं का प्राकट्य उत्सव कल मनाया जाएगा। ये 26 प्रतिमाएं 21 सितंबर 1953 को शहर के जैन नसियां के पीछे एक प्लॉट में जमीन में गड़ी मिली थीं। गुरुवार को प्रतिमाओं के प्रकट उत्सव का यह 73वां आयोजन होगा।

समाज के प्रवक्ता पवन कंटान एवं कमल सर्राफ ने बताया- श्रीआदिनाथ दिगंबर जैन नसिया अमिरगंज टोंक और श्रीशांतिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में विराजमान प्रतिमाओं का प्रकट उत्सव जैन नसियां में मनाया जाएगा। ये प्रतिमाएं करीब 600 साल पुरानी हैं। टोंक क्षेत्र में भूगर्भ से लगभग 65 जिन प्रतिमाएं चार बार में प्राप्त हुई हैं।
ये मूर्तियां श्री दिगंबर जैन नसियां और शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिरबड़ा तख्ता में विराजित हैं। साथ ही 13 प्रतिमाएं वर्तमान में सोनीजी की नसियां अजमेर में हैं।
समाज के मंत्री धर्मेद्र पासरोटियां एवं कमल सर्राफ ने बताया- गुरुवार को जैन नसियां के बड़े बाबा मूलनायक1008 श्रीआदिनाथ भगवान के प्राकट्य उत्सव पर सुबह विश्व शांति की कामना के लिए अभिषेक और शांतिधारा होगी। फिर महापंचामृत अभिषेक होगा, जिसमें दूध दही ,घी केसर, फल का रसों से, सर्व औषधी आदि स्वर्ण एवं रजत झारियां से महापंचामृत अभिषेक किए जाएंगे।

जैन नसिया में धार्मिक गानों पर नाचते हुए बच्चे
उन्होंने बताया- बाद में आदिनाथ भगवान की विशेष पूजा अर्चना होगी। पर्यूषण पर्व के दिन गुरुवार को सुबह आठवें दिन अभिषेक शांतिधारा के तीनलोक महामंडल विधान की पूजा अर्चना प्रतिष्ठाचार्य बृजेश जी महुआ शास्त्री के साथ पूजा अर्चना करके अर्घ्य समर्पित किए जाएंगे
इससे पहले बुधवार को उत्तम त्याग धर्म की पूजा की गई। इसी तरह बड़ा तख्ता जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व के तहत प्रातकाल श्रद्धालुओं ने अभिषेक शांतिधारा के पश्चात सामूहिक पूजाअर्चना की। शाम को महाभव्य आरती, आचार्य श्री की आरती और गुरुभक्ति कार्यक्रम हुए।





