
टोंक में पिछले 20 वर्षों से कला की अलख जगा रहा अंतरराष्ट्रीय कला पर्व क्रेयान्स रविवार को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ संपन्न हो गया। तीन दिन तक एक निजी मैरिज गार्डन में देश-विदेश से आए कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर टोंक को रंगों और रचनात्मकता से सराबोर कर दिया। रूस और नेपाल सहित 18 राज्यों के करीब 250 चित्रकार एवं मूर्तिकारों ने इसमें भाग लेकर अपनी कला प्रतिभा का जादू बिखेरा।

समापन पर कलाकारों ने अगले वर्ष फिर टोंक में मिलने का वादा किया। अंतरंग कला एवं एजुकेशन वेलफेयर सोसायटी, टोंक एवं राजस्थान ललित कला अकादमी, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में 2 से 4 अक्टूबर तक आयोजित 20वें अंतरराष्ट्रीय कला पर्व क्रेयान्स ने एक बार फिर टोंक की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाया। खास बात यह है कि इस आयोजन की शुरुआत कुछ युवा कलाकारों ने उज्जैन में वर्ष 2006 में आयोजित एक कार्यक्रम से प्रेरित होकर की थी। इसके बाद हर वर्ष तीन दिवसीय कला पर्व आयोजित होता रहा। कोरोना काल में भी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से आयोजन जारी रखा गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता रहे। अध्यक्षता बृज विश्वविद्यालय भरतपुर के कुलगुरु डॉ. मदन सिंह राठौड़ ने की। कलाकार महेश गुर्जर ने बताया कि 20वें अंतरराष्ट्रीय कला पर्व ‘क्रेयान्स’ का आयोजन हुआ। रूस के 11 चित्रकारों ने ऑनलाइन जुड़कर तीन दिन तक कैनवास पर अपनी कला उकेरी। ऑनलाइन रूस के कलाकारों ने टोंक के कला पर्व में शामिल होने पर खुशी जताई।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. हनुमान सिंह खरेड़ा ने बताया कि दो दशक से लगातार आयोजित हो रहा क्रेयान्स केवल कला प्रदर्शनी नहीं, बल्कि टोंक की पहचान बन चुका है। देशभर के कलाकारों को टोंक से जोड़ा और यहां के पर्यटन एवं कला क्षेत्र को नई पहचान दिलाई। छोटे शहर से शुरू हुआ यह प्रयास आज अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को एक मंच उपलब्ध करा रहा है, जो टोंक के लिए मिसाल है। कलाकारों को विभिन्न श्रेणियो में किया गया सम्मानित : समारोह में विभिन्न श्रेणियों में अंतरराष्ट्रीय कला रत्न, राष्ट्रीय कला रत्न, राष्ट्रीय वरिष्ठ महिला कला रत्न, राष्ट्रीय युवा कलारत्न, राष्ट्रीय युवा महिला कलारत्न, राज्य कलारत्न, राज्य महिला वरिष्ठ कलारत्न, राज्य युवा कला रत्न, राज्य युवा महिला कला रत्न और टोंक कला रत्न पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें उत्तम डागोर, प्रो. जीतेन्द्र बी. पटेल, सुनीता राणा, सुषमा श्रेष्ठ, मुकुंद जेठवा, प्रदीप हरिभाऊ, प्रो. हरदर्शन सिंह सोहल, पवन कुमार, साल्वाडोर फर्नांडिस सहित अनेक कलाकारों को सम्मानित किया गया।




