टोंक, 3 घंटे पहले

नासिरदा के लोगों ने स्मैक समेत अन्य नशे के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर धरना दिया।
नासिरदा क्षेत्र में कथित रूप से बढ़ रहे स्मैक एवं नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ नासिरदा के ग्रामीणों ने मोर्चा खोलते हुए मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंच कर जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में कलेक्टर को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर त्वरित एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि नासिरदा में 5-7 वर्षों से स्मैक समेत नशे का कारोबार बढ़ा है, जिससे युवा वर्ग सहित आमजन पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि नशे के कारण सार्वजनिक स्थानों एवं देवस्थानों पर चोरी, घरों में चोरी, पानी के मोटरों की चोरी, खेतों में पाइपलाइन चोरी सहित अन्य आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने नशे को युवाओं के मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न, परिवारों में विवाद और सामाजिक वातावरण खराब होने का प्रमुख कारण बताते हुए प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन के अनुसार 12 सितंबर को नासिरदा स्थित श्री सिन्दोला बालाजी धाम पर युवाओं एवं ग्रामीणों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें क्षेत्र से स्मैक जैसे नशे को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिय गया। ग्रामीणों ने कहा कि इस अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि क्षेत्र में नशे का अवैध कारोबार करने वाले कुछ लोगों के खिलाफ पूर्व में भी अलग-अलग थानों में मामले दर्ज रहे हैं। साथ ही नशे के कारोबार से जुड़े संदिग्ध ठिकानों एवं स्थानों का उल्लेख करते हुए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में इन आरोपों के संबंध में पुलिस कार्रवाई किए जाने की मांग रखी गई है।

प्रदर्शनकारियों को समझाते एडीएम विनोद कुमार मीणा
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ज्ञापन में मांग की गई कि नशे के कारोबार से जुड़े संदिग्ध लोगों के खिलाफ तत्काल कठोर पुलिस कार्रवाई की जाए। पुलिस द्वारा स्मैक की सप्लाई चेन को तोड़कर क्षेत्र में सक्रिय नेटवर्क का खुलासा किया जाए। नासिरदा सहित आसपास के संदिग्ध स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए तथा संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
ग्रामीणों ने नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के उपचार एवं पुनर्वास के लिए सरकारी चिकित्सालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, पुलिस मित्रों के सहयोग से संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करने तथा नशे के कारोबार से जुड़े आरोपियों के पूर्व रिकॉर्ड की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की भी मांग रखी।
ज्ञापन में नासिरदा थानाधिकारी एवं संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में पुलिस बल बढ़ाने की मांग रखी ।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह अभियान किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई कर नासिरदा क्षेत्र में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।






