‘जहर इतना कम कर देंगे कि नशा होगा, मौत नहीं’:70 हजार में सांप के डंक का नशा, डिमांड पर क्लबों में होते हैं सप्लाई

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फेमस यूट्यूबर एल्विश यादव पर नोएडा की पार्टियों में नशे के लिए सांप के जहर के इस्तेमाल का आरोप लगा। सवाल उठा कि क्या यूपी में स्नेक बाइट यानी सांप के जहर का नशा किया जा रहा? अगर हां, तो लोग इस जानलेवा नशे की तरफ क्यों जा रहे? इसका नेटवर्क कितना बड़ा है?

दैनिक भास्कर ने नशे के इस कारोबार और बढ़ते ट्रेंड को एक्सपोज करने के लिए इन्वेस्टिगेशन शुरू किया। हमारे रिपोर्टर नोएडा और दिल्ली-NCR के कई क्लबों में गए। नशा करने वालों से जान-पहचान बढ़ाई। हमें इनपुट मिला कि दिल्ली-NCR में स्नेक बाइट पार्टियां बढ़ रही हैं, जिनमें यूपी के युवा भी पहुंच रहे हैं।

सोर्स ने बताया कि नोएडा और दिल्ली के दक्षिणी इलाके हौज खास के कुछ क्लबों में ऐसी पार्टियां होती हैं। हम वहां पहुंचे और एक डांसर से पहचान बढ़ाई। डांसर ने हमें पार्टियों में सांप के डंक के नशे का पूरा नेटवर्क समझाया।

उसने बताया कि इस नशे की बात ही कुछ ओर है। इसके आगे दुनिया के सारे नशे फेल हैं। कुछ दिन की बातचीत के बाद उसने क्लब के बाहर मौजूद शाहरुख से मिलवाया। शाहरुख पेडलर है और स्नेक बाइट के लिए सांपों की सप्लाई भी करता है। उसने हमें इस नेटवर्क से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए।

रिपोर्टर : मुझे स्नेक बाइट चाहिए, कनाडा से कुछ दोस्त आए हैं।

शाहरुख : ये यहां नहीं मिलेगा। अमीरों का नशा है और बैन भी है। पुलिस को पता चला, तो अंदर हो जाएंगे।

रिपोर्टर : कहीं से जुगाड़ करो, पैसे जो मांगोगे दे देंगे।

शाहरुख : ठीक है, आज रात बात करता हूं। एक बंदा रात 1 बजे तक आता है, वही नशे का सामान लाता है।

रिपोर्टर : कब तक बताओगे?

शाहरुख : आज रात 2 बजे तक बता दूंगा।

अगली सुबह शाहरुख का वॉट्सएप कॉल आया। उसने बताया कि हरियाणा के सोनीपत में सपेरों की बस्ती है, जहां से यूपी के क्लबों में सांपों की सप्लाई होती है। उसने सप्लायर करण नाथ का नाम और पता बताया।

4 दिन बाद हम सोनीपत की उस बस्ती में पहुंचे। पहचान छिपाने के लिए एक स्थानीय महिला सहयोगी को साथ रखा। अजनबी होने के कारण सप्लायर हमसे बात करने से बच रहे थे। उनका भरोसा जीतने में 4 दिन लगे।

आखिरकार एक कच्चे मकान में सांपों के सप्लायर करण नाथ और उसके साथी से मुलाकात हुई।

रिपोर्टर : भाई, सांप मिल जाएंगे क्या?

करण नाथ : हां, मिल जाएंगे। किसलिए चाहिए?

रिपोर्टर : कुछ दोस्त विदेश से आए हैं। उन्हें सांप के जहर का नशा करना है।

करण नाथ : कौन-सा सांप चाहिए?

रिपोर्टर : कोबरा, करैत और दोमुंहा मिल जाएगा?

दूसरा सप्लायर : सब ले लोगे?

रिपोर्टर : हां, सब खरीद लेंगे।

करण नाथ : ठीक है, थोड़ा समय दो। मैं बात करके बताता हूं।

करीब एक घंटे इंतजार के बाद पास के एक रेस्टोरेंट में फिर दोनों सप्लायरों से हमारी मुलाकात हुई। यहां हुई बातचीत से साफ हो गया कि इस नेटवर्क की कड़ियां कई लोगों तक फैली हुई हैं।

रिपोर्टर : हमें सांप नोएडा में चाहिए। गाड़ी में लेकर आ जाओगे?

करण नाथ : हां, अपनी गाड़ी से आ जाएंगे।

रिपोर्टर : छोटे सांप भी मिल जाएंगे, जिनमें जहर कम होता है?

करण नाथ : हां, लेकिन इसके लिए जंगल जाना पड़ेगा। थोड़ा समय लगेगा।

रिपोर्टर : जहरीले सांप का जहर हल्का करके दे सकते हो?

करण नाथ : हां, 2-3 दिन लगेंगे। नशे के हिसाब से जहर कम करके देंगे।

रिपोर्टर : ऐसा कि मौत न हो और नशा भी हो जाए?

करण नाथ : हां, समझ गया।

रिपोर्टर : पहले कहां-कहां सप्लाई किया है?

करण नाथ : उज्जैन, मंडी, कसौल और चंडीगढ़ तक लोग लेकर जाते हैं।

रिपोर्टर : 16 घंटे के नशे के लिए कितना समय लगेगा?

करण नाथ : 2 दिन में कर देंगे।

रिपोर्टर : 5 लोगों के लिए कितने पैसे लोगे?

करण नाथ : 70 हजार रुपए। पहले 30 हजार एडवांस दे देना।

रिपोर्टर : 50 हजार कर लो।

करण नाथ : नहीं, 70 हजार से कम नहीं होगा। दूसरे लोगों से डेढ़ से 2 लाख रुपए तक लिए हैं।

रिपोर्टर : पहले सांप दिखाओ, पसंद आने के बाद एडवांस देंगे।

करण नाथ : ठीक है।

इसके बाद करण ने हमें सांप दिखाया। हमने खुफिया कैमरे से उसके विजुअल रिकॉर्ड किए। इसके बाद बहाना बनाकर डील करने से इनकार कर दिया। हमारा मकसद सांप के डंक के नशे के पूरे नेटवर्क को उजागर करना था, जिसकी अहम कड़ियां हमारे सामने आ चुकी थीं।

जांच में सामने आया कि यह नशा ऑन-डिमांड कराया जाता है। यानी क्लबों और प्राइवेट पार्टियों में नशा करने वाले सप्लायर को बुलाते हैं और उससे सांप का डंक लगवाते हैं। इसी वजह से हम इन पार्टियों में सीधे नशा करने वालों तक नहीं पहुंच सके।

जानलेवा है, फिर भी स्नेक बाइट का नशा क्यों?

सांप के डंक से चक्कर आना, गहरी सुस्ती या बेहोशी आती है। ये उसके जहर का असर होता है। ये दूसरी तरह के सभी नशे से अलग है। ये असर 24 घंटे तक चल सकता है, जबकि दूसरे नशे कुछ घंटे में उतर जाते हैं। इसलिए कुछ युवा इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन, यह बेहद खतरनाक है। जहर का असर शरीर को लकवाग्रस्त कर सकता है। इससे जान भी जा सकती है।

अब जानिए, सांप का जहर कैसे कम करते हैं

जहरीले सांप जैसे कोबरा में इतना जहर होता है कि यदि वह डंक मारे, तो 12 से 24 घंटे में मौत हो जाती है। सप्लायर करण ने बताया कि वे कोबरा का 90% जहर निकाल देते हैं। इसके बाद अगर वह डंक मारेगा, तो 6-7 घंटे गहरी सुस्ती आएगी, मौत नहीं होगी।

जहर कम करने के लिए सांप का मुंह पकड़कर डिब्बे में उससे कटवाया जाता है। जब सांप डिब्बे को काटता है, तो जहर छोड़ता है। कोबरा अगर 8-10 बार लगातार काट ले, तो जहर खत्म हो जाता है।

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