
जयपुर में फूड सेफ्टी टीमों ने कान्हा स्वीट्स, रावत मिष्ठान भंडार, सोढाणी स्वीट्स, बीएमबी सहित 12 बड़ी मिठाई की दुकानों पर शुक्रवार को छापा मारा। टीमों ने इन दुकानों से घेवर, बर्फी, मावा, समोसा, मिल्क केक के सैंपल लिए।
जांच के दौरान कुछ जगहों पर खराब मावा, मिठाई और घेवर मिले, जिनको नष्ट करवा दिया गया। रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य विभाग ने यह कार्रवाई की।
जयपुर सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल के नेतृत्व में टीम ने सबसे पहले जगतपुरा स्थित रावत मिष्ठान भंडार पर छापा मारा। यहां से टीम ने केसर पिस्ता बर्फी और इस्तेमाल किए जा रहे कुकिंग ऑयल के सैंपल लिए। दुकान में जिस तेल में प्याज की कचौरी पकाई जा रही थी, उसकी क्वालिटी भी खराब मिली।
सीएमएचओ के मुताबिक- वहां मौजूद हलवाई ने बताया यहां चार दिन में तेल बदलते हैं। मैनेजर ने बताया- रोज लगभग 700-800 कचोरी तैयार करते हैं। इस तरह 3-4 दिन तक उसी तेल में कचौरी तैयार करने से तेल का टोटल पोलर कंपाउंड्स (टी.पी.सी) बहुत ज्यादा होने की संभावना रहती। इससे तेल में ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ जाती है। यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर हानिकारक हो सकता है।


फूड सेफ्टी टीम को बिंदायका में प्रधान स्वीट्स एंड कैटर्स शॉप में 150 किलो बदबूदार घेवर मिला, जिसे नष्ट कराया गया।
150 किलोग्राम खराब घेवर नष्ट करवाया, प्रोडक्शन यूनिट सील
जयपुर सीएमएचओ फर्स्ट डॉ. रवि शेखावत के निर्देशन में टीम ने बिंदायका में सिंवार मोड़ स्थित प्रधान स्वीट्स एंड कैटर्स पर छापा मारा। यहां टीम को खराब 150 किलोग्राम घेवर मिला। इसे मौके पर ही नष्ट करवाया गया। वहीं घेवर बनाने समेत अन्य मिठाई, नमकीन बनाने में काम आने वाली 275 किलोग्राम खाद्य सामाग्री को जब्त किया। कार्रवाई के साथ ही दुकान की प्रोडक्शन यूनिट को सील कर दिया।






