घाड़, 15 घंटे पहले

चांदसिंहपुरा गांव में एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है। यहां 11 साल की बेटी अमन ने अपने पिता की पगड़ी पहनी, जिससे सालों पुरानी परंपरा टूट गई। यह कदम समाज की रूढ़िवादी सोच को बदलने वाला है।

गांव के राजू लाल गुर्जर का कोई बेटा नहीं था। उनकी इकलौती संतान 11 साल की बेटी अमन है। पिता के निधन के बाद पगड़ी की रस्म में आमतौर पर बड़े बेटे को ही उत्तराधिकारी माना जाता है।
इस बार मां कमलेशी देवी, परिवार के सदस्यों और गांव के पंचों की सहमति से यह अधिकार बेटी अमन को दिया गया।
इस फैसले ने बेटा-बेटी में फर्क करने वाली पुरानी सोच पर सवाल उठाया है। यह संदेश दिया गया कि बेटियां किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं हैं। गांव और आसपास के इलाकों में इस कदम की तारीफ हो रही है।





