झिलाई (निवाई)21 घंटे पहले

श्री सहस्त्रकूट विज्ञातीर्थ दिगम्बर जैन मंदिर गुंसी में पर्युषण पर्व की समाप्ति पर सामूहिक वार्षिक कलशाभिषेक और क्षमावाणी महोत्सव हुआ। यह आयोजन विज्ञाश्री माताजी ससंघ के सानिध्य में हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

विज्ञातीर्थ कार्याध्यक्ष सुनील भाणजा ने बताया कि धर्मसभा में माताजी ने कहा कि शत्रु और मित्र दोनों को क्षमा करना यतियों का भूषण है। हर प्राणी पर क्षमा भाव रखना वीरों का गुण है।
माताजी ने सोमवार को बताया कि उत्तम क्षमा धर्म दशधर्मों में पहला है। यह आत्मा का स्वाभाविक गुण है, जो क्रोध को दूर करता है। क्षमावान मनुष्य का कोई शत्रु नहीं होता।
प्रवक्ता हितेश छाबड़ा ने बताया कि आर्यिका ज्ञानश्री माताजी ससंघ के सानिध्य में जिनेन्द्र देव का कलशाभिषेक हुआ। शांतिधारा का सौभाग्य प्रकाश जी मालवीय नगर जयपुर को मिला, माला ओमप्रकाश महेंद्र चंवरिया ने पहनाई।





