
राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जयपुर में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- मैं मेयर या पार्षद का चुनाव नहीं लडूंगा। उन्होंने मेयर पद के लिए उनके नाम को लेकर चल रही चर्चाओं को अफवाह बताया।
इधर, कोटा में जिन लोगों पर नगर निगम का कोई भी टैक्स बकाया है, वे चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार को निगम का नो ड्यूज सर्टिफिकेट देना होगा।
अजमेर नगर निगम चुनाव के लिए बीजेपी ने अब तक मिले आवेदनों में वार्ड वार तीन-तीन दावेदारों का पैनल तैयार कर लिया है। वहीं कांग्रेस दावेदारों के आवेदनों की स्क्रूटनी कर रही है।
आज देर रात तक पैनल फाइनल कर देगी। अजमेर में 80 पार्षद पदों के लिए बीजेपी और कांग्रेस में एक-एक हजार से ज्यादा आवेदन मिले हैं।
उदयपुर में बीजेपी में टिकट बंटवारे को लेकर बनाई गई कोर कमेटी की बैठक आज रात होगी। इसमें शहर के सभी 80 वार्डों के दावेदारों के नामों पर मंथन कर फाइनल सूची तैयार की जाएगी।

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के घर पर लगी टिकट का आवेदन करने वाले कार्यकर्ताओं की भीड़।
जिस वार्ड का कार्यकर्ता, वहीं से मिलेगा टिकट
प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- नगर निगम चुनाव पार्टी के जांबाज कार्यकर्ता लड़ेंगे। जो कार्यकर्ता चुनाव जीतकर नगर निगम पहुंचेंगे, उन्हीं में से मेयर का चुनाव किया जाएगा।
उन्होंने कहा- मैं अपने पूरे राजनीतिक जीवन में अब केवल विधायक या सांसद का चुनाव लड़ूंगा। इसके अलावा किसी दूसरे चुनाव में प्रत्याशी नहीं बनूंगा।
खाचरियावास ने कहा- निकाय चुनाव में कांग्रेस टिकट वितरण के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी। जिस वार्ड में पार्टी का कार्यकर्ता रहता है, उसे उसी वार्ड से टिकट दिया जाएगा।
इस बार किसी कार्यकर्ता को दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ाने की नीति नहीं होगी। किसी दूसरे वार्ड से पैराशूट प्रत्याशी उतारने की अनुमति नहीं होगी।





