कहानी- लालची व्यक्ति के प्राण लेने पहुंचे यमराज:पैसा कमाएं, लेकिन ये 10 बातें भी ध्यान रखें, वरना बाद में पछताना पड़ सकता है

Spread the love

एक लोक कथा है। पुराने समय में व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा धन कमाना चाहता था। सुबह होते ही वह काम पर निकल जाता और देर रात घर लौटता। धीरे-धीरे उसके पास खूब धन और संपत्ति जमा हो गई, लेकिन लालच खत्म नहीं हुआ। उसके पास परिवार के लिए समय ही नहीं था।

उसकी पत्नी और बच्चे चाहते थे कि वह उनके साथ कुछ समय बिताए, उनकी बातें सुने और सुख-दुख में उनके साथ रहे, लेकिन वह हमेशा यही कहता, “अभी काम जरूरी है। जब खूब पैसा जमा हो जाएगा, तब आराम से परिवार के साथ समय बिताऊंगा।”

धन बढ़ता गया, लेकिन परिवार से उसका रिश्ता कमजोर होता गया। बच्चों का बचपन बीत गया। परिवार के लिए उसके पास सुख-सुविधाएं, तो बहुत थीं, लेकिन समय नहीं था।

देखते ही देखते उसकी उम्र बढ़ गई। एक दिन अचानक उस लालची व्यक्ति के सामने यमराज प्रकट हुए। यमराज ने कहा, “तुम्हारे जीवन का समय पूरा हो चुका है। अब तुम्हें मेरे साथ चलना होगा।”

यह सुनकर वह व्यक्ति घबरा गया। उसने कहा, “लेकिन मैंने अभी जीवन का आनंद लिया ही कहां है? मैं तो पूरी जिंदगी पैसा कमाने में लगा रहा। मैं अपने परिवार को भी समय नहीं दे पाया। कृपया मुझे कुछ समय और दे दीजिए।”

यमराज ने कहा, “अब अतिरिक्त समय देना संभव नहीं है।”

व्यक्ति ने अपनी सारी धन-संपत्ति देने की बात कही। उसने कहा, “मेरी पूरी संपत्ति ले लीजिए, लेकिन मुझे सिर्फ एक दिन अपने परिवार के साथ रहने दीजिए।”

यमराज ने कहा, “धन के बदले समय नहीं खरीदा जा सकता। जो समय तुम्हें जीवन में मिला था, वह तुम पहले ही खर्च कर चुके हो।”

यह सुनकर व्यक्ति को अपनी सबसे बड़ी भूल समझ आई। उसके पास धन, तो बहुत था, लेकिन बीता हुआ समय वापस लाने का कोई साधन नहीं था।

यमराज ने उसे समझाया कि पैसा जीवन की जरूरतें पूरी कर सकता है, लेकिन बीता हुआ समय वापस नहीं ला सकता। इसलिए कमाई के साथ परिवार, रिश्तों और अपने जीवन के लिए भी समय निकालना जरूरी है। यमराज की बातें सुनकर उस व्यक्ति को पछतावा होने लगा। इसके बाद यमराज ने उसके प्राण ले लिए और उस व्यक्ति की मृत्यु हो गई।

प्रसंग की सीख

1. काम और परिवार में संतुलन रखें

पैसा कमाना जरूरी है, लेकिन इसके लिए परिवार को लगातार नजरअंदाज करना सही नहीं है। काम के साथ परिवार के लिए भी समय निकालना चाहिए। माता-पिता के साथ बिताया समय बहुत कीमती होता है। उनकी बातें सुनें, उनका हाल पूछें और जरूरत पड़ने पर उनके साथ रहें।

2. रोज थोड़ा समय अपनों को दें

परिवार के लिए हमेशा कई घंटे निकालना जरूरी नहीं है। रोज थोड़ा-थोड़ा समय भी निकाल सकते हैं। परिवार के साथ बैठना रिश्तों को मजबूत कर सकता है।

3. बच्चों के बचपन को समझें

बच्चों का बचपन दोबारा नहीं आता। उनके साथ खेलना, बातें करना और उनकी छोटी-छोटी खुशियों में शामिल होना भविष्य की खूबसूरत यादें बनाता है।

4. छुट्टियों को सिर्फ काम के लिए न रखें

छुट्टी मिलने पर परिवार के साथ घूमने, बातचीत करने या घर पर साथ समय बिताने की योजना बनाएं। हर खाली समय को काम में लगाना जरूरी नहीं है।

5. जरूरत और लालच में अंतर समझें

जरूरतें पूरी करने के लिए पैसा कमाना अच्छी बात है, लेकिन केवल अधिक धन जमा करने की इच्छा अगर जीवन के बाकी हिस्सों पर हावी हो जाए, तो उसका असर रिश्तों पर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति व्यक्ति लालची हो जाता है और रिश्तों को नजरअंदाज करने लगता है।

6. अपने लिए भी समय निकालें

जीवन केवल धन कमाने और जिम्मेदारियां निभाने का नाम नहीं है। आराम, स्वास्थ्य, शौक और मानसिक शांति के लिए भी समय निकालना जरूरी है। खुद के लिए भी समय निकालेंगे, तो जीवन में उत्साह बना रहेगा।

7. खास मौकों का इंतजार न करें

परिवार से प्रेम जताने के लिए किसी जन्मदिन या त्योहार का इंतजार न करें। रोज की छोटी-छोटी खुशियां ही रिश्तों को मजबूत बनाती हैं। समय पर परिवार को एहसास कराएं कि हम सभी की परवाह करते हैं।

8. वर्तमान समय की कीमत समझें

कल क्या होगा, यह कोई नहीं जानता। इसलिए परिवार के साथ अच्छा व्यवहार, जरूरी बातचीत और साथ बिताए जाने वाले समय को भविष्य के लिए टालते न रहें। वर्तमान सबसे मूल्यवान है, इसे भविष्य की संभवानाओं के लिए दांव पर न लगाएं।

9. सिर्फ पैसों को एकमात्र लक्ष्य न बनाएं

जीवन में पैसा जरूरी है, लेकिन पैसा ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य नहीं होना चाहिए। धन कमाते हुए अगर हम अपने परिवार और रिश्तों के लिए समय नहीं निकालेंगे, तो बाद में पछतावा हो सकता है।

10. बीता समय लौटकर नहीं आता

पैसा दोबारा कमाया जा सकता है, लेकिन बीता हुआ समय वापस नहीं आता। इसलिए आज ही अपने काम के साथ अपने परिवार के लिए भी थोड़ा समय जरूर बचाएं।

Related Posts

स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:एक आदत सफलता के लिए सबसे जरूरी है; 9 बातें ध्यान रखेंगे, तो विचार पॉजिटिव बने रहेंगे

Spread the love

Spread the loveजीवन में सफलता के लिए केवल बाहरी साधन ही पर्याप्त नहीं हैं, ज्ञान, अच्छे विचार और सही दिशा भी आवश्यक है। इनके लिए स्वाध्याय करन एक बहुत प्रभावशाली…

Read more

स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:दूसरों की किन बातों पर ज्यादा ध्यान दें, 8 सूत्र जीवन को श्रेष्ठ बनाते हैं

Spread the love

Spread the loveजीवन की सुंदरता इस बात में है कि हमारी सोच कितनी निष्पक्ष और गुणग्राही है। लोगों की परिस्थितियों, धन या साधनों के आधार पर नहीं, बल्कि उनके गुण,…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:एक आदत सफलता के लिए सबसे जरूरी है; 9 बातें ध्यान रखेंगे, तो विचार पॉजिटिव बने रहेंगे

  • October 5, 2026
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:एक आदत सफलता के लिए सबसे जरूरी है; 9 बातें ध्यान रखेंगे, तो विचार पॉजिटिव बने रहेंगे

कहानी- लालची व्यक्ति के प्राण लेने पहुंचे यमराज:पैसा कमाएं, लेकिन ये 10 बातें भी ध्यान रखें, वरना बाद में पछताना पड़ सकता है

  • October 5, 2026
कहानी- लालची व्यक्ति के प्राण लेने पहुंचे यमराज:पैसा कमाएं, लेकिन ये 10 बातें भी ध्यान रखें, वरना बाद में पछताना पड़ सकता है

सुप्रीम कोर्ट ने 135 साल पुरानी लाइब्रेरी पर जवाब मांगा:सरकार से पूछा- सेंट्रल विस्टा में 8.5 लाख किताबों के लिए कितनी जगह, क्या 2 कमरे मिलेंगे

  • October 5, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने 135 साल पुरानी लाइब्रेरी पर जवाब मांगा:सरकार से पूछा- सेंट्रल विस्टा में 8.5 लाख किताबों के लिए कितनी जगह, क्या 2 कमरे मिलेंगे