टोंक, 1 घंटे पहले

टोंक में श्री दिगंबर जैन नसिया अमीर गंज टोंक में पर्यूषण पर्व का अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर्व बड़े हर्षोल्लास एवं धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना की तथा नगर के विभिन्न जिनालयों में दर्शन के लिए पहुंचे। इसके चलते मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

समाज के प्रवक्ता पवन कंटान एवं कमल सर्राफ ने बताया कि पर्यूषण पर्व के तहत अनंत चतुर्दशी के अवसर पर श्री तीन लोक महामंडल विधान के अंतिम दिन इंद्र-इंद्राणियों द्वारा उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा की गई। इसके साथ ही वासुपूज्य भगवान सहित चौबीसों तीर्थंकरों की पूजा-अर्चना की गई।
इसके बाद वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व मनाया गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधानपूर्वक भगवान की पूजा-अर्चना कर निर्वाण कांड का पाठ किया तथा भगवान के चरणों में निर्वाण लड्डू समर्पित किया।

मोक्ष कल्याणक पर श्रावकों ने आज मंदिर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए।
बड़ा मंदिर में सामूहिक कलशाभिषेक
समाज के सांस्कृतिक मंत्री विकास अत्तार ने बताया- शाम को श्री दिगंबर जैन नसिया एवं श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर तख्ता में श्रीजी का सामूहिक कलशाभिषेक आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद आरती, प्रश्न मंच, स्वाध्याय, शास्त्र सभा एवं जिनवाणी ज्ञान सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
दशलक्षण महापर्व के दौरान त्यागी-व्रतियों एवं श्रद्धालुओं ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दस उपवास, पांच उपवास, तीन उपवास एवं अनंत चतुर्दशी का उपवास रखकर धर्माराधना की।
समाज के मंत्री धर्मेंद्र पासरोटिया ने बताया कि रविवार को श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर तख्ता में सामूहिक क्षमा वाणी पर्व मनाया जाएगा।
कार्यक्रम में ये लोग उपस्थित रहे
इस अवसर पर नंदलाल संघी, ओम ककोड़, रमेश काला, जितेंद्र बनेठा, लालचंद फूलेता, रमेश हाड़ीगांव, प्रदीप कुमार नगर, दिनेशचंद लुहाड़िया, नेमीचंद बनेठा, ओमप्रकाश आडरा, रमेशचंद्र रोहतक, सुरेंद्र अजमेरा, अनिल सर्राफ, विकास अत्तार, जयकुमार आंडरा, प्रकाश सेठी, अशोक झिराना, ओमप्रकाश मोहम्मदगढ़, रिंकू बोरदा, जयप्रकाश धोलीवाले एवं कन्हैयालाल बड़वास सहित अनेक श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लिया। इस मौके पर इंद्र-इंद्राणियों द्वारा भक्ति नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई। इससे पूर्व प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं नित्य नियम पूजा संपन्न हुई।




