
अजमेर नगर निगम चुनाव के मतदान के दौरान शुक्रवार को अव्यवस्थाएं और विवाद सामने आए। कांग्रेस की विधानसभा प्रत्याशी रह चुकीं द्रोपदी कोली बिना आईडी मतदान केंद्र पहुंचीं तो उन्हें वापस लौटना पड़ा। कुछ देर बाद मोबाइल में आईडी दिखाने पर उन्हें वोट डालने दिया गया।

वार्ड 79 में कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्षा के नाम पर कोई दूसरा व्यक्ति वोट डाल गया। शिकायत करने पर प्रशासन ने शाम को वोट डलवाने की बात कही।
वृंदावन स्कूल में दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था थी, लेकिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के नहीं पहुंचने से परिजनों को केंद्र तक ले जाना पड़ा। इसी केंद्र पर भाजपा प्रत्याशी पर मतदान केंद्र में प्रवेश कर माहौल खराब करने का आरोप भी लगाया गया।
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल ने मतदान किया। अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में 4 लाख 38 हजार 39 मतदाता शाम 6 बजे तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
देखें वोटिंग की तस्वीरें…

अजमेर में स्पीकर वासुदेव देवनानी और विधायक अनीता भदेल ने दिया वोट।

आईडी नहीं होने से पहले लौटना पड़ा, मोबाइल में आईडी दिखाकर दोबारा पहुंचीं द्रोपदी कोली ने डाला वोट।

वार्ड 37 के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय माखुपुरा स्थित मतदान केंद्र पर महिलाएं घूंघट में वोट डालने पहुंचीं।
1 बजे तक कहां कितने प्रतिशत वोट डले…
| निकाय | प्रतिशत ( बजे तक) |
| अजमेर नगर निगम | 35.61% |
| किशनगढ़ नगर परिषद | 45.34% |
| पुष्कर नगर परिषद | 56.05% |
चुनाव से जुड़े अपडेट……
- सुबह 7 बजे विधायक अनिता भदेल ने मालियान स्कूल मतदान केंद्र पर सबसे पहले वोट डाला। स्याही लगी उंगली दिखाकर अधिक से अधिक मतदान की अपील की।
- नगर निगम चुनाव में इस बार 360 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें भाजपा के 79, कांग्रेस के 77 और 204 निर्दलीय व अन्य दलों के प्रत्याशी शामिल हैं।
- मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। करीब 2300 पुलिसकर्मी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
- वार्ड 79 के प्रत्याशी जितेंद्र शर्मा ने वर्षा नाम की युवती का दूसरे व्यक्ति के वोट डालने का आरोप लगाया।
- वृंदावन स्कूल के मतदान केंद्रों पर दिव्यांगों और बुजुर्गों को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के मौजूद नहीं होने से परेशानी हुई।






