देवली नगर पालिका अध्यक्ष पद किसी के लिए रिजर्व नहीं:निकाय चुनाव लॉटरी में आरक्षण की घोषणा, 17 अगस्त को निकलेगी वार्डों की लॉटरी

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प्रदेश में नगर निकाय चुनावों के लिए नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, नगर परिषद के सभापति और नगर निगमों के महापौर के पदों के लिए गुरुवार को लॉटरी निकाली गई। इस लॉटरी के तहत देवली नगर पालिका के अध्यक्ष पद किसी के लिए रिजर्व नहीं रखा गया है।

पिछले कार्यकाल में देवली नगर पालिका का अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित था। वर्तमान में देवली नगर पालिका में कुल 35 वार्ड हैं।

पिछले साल यहां कांग्रेस का बोर्ड बना था और नेमीचंद जैन अध्यक्ष चुने गए थे। हालांकि, देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के बाद पालिकाध्यक्ष नेमीचंद जैन ने भाजपा में शामिल हो गए, जिससे देवली नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड बन गया।

पहले देवली नगर पालिका में 10 पार्षद कांग्रेस, 10 पार्षद निर्दलीय और 5 पार्षद भाजपा के थे। पूर्व में देवली नगर पालिका में 25 वार्ड थे, लेकिन परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है।

सीट आरक्षित होने का क्या है मतलब…

अनारक्षित ओपन – ऐसी सीटों पर सामान्य वर्ग के अलावा भी किसी भी वर्ग का व्यक्ति प्रत्याशी बन सकता है। महिला या पुरुष, कोई भी दावेदार बन सकता है।

अनारक्षित महिला – ऐसी सीटों पर सामान्य वर्ग के अलावा किसी भी वर्ग की महिलाओं को प्रत्याशी बनाया जा सकता है।

ओबीसी ओपन – ऐसी सीटों पर ओबीसी वर्ग से पुरुष या महिला कोई भी प्रत्याशी बन सकता है।

ओबीसी महिला – ऐसी सीटें ओबीसी महिलाओं की ही दावेदारी के लिए हैं।

एससी ओपन – ऐसी सीटों पर अनुसूचित जाति से पुरुष या महिला कोई भी प्रत्याशी बन सकता है।

वार्डों का आरक्षण बाद में होगा

17 अगस्त को जिलों में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया कलेक्टर स्तर पर होगी। इसमें एससी, एसटी, OBC और महिला आरक्षण के आधार पर अलग-अलग वार्डों का निर्धारण किया जाएगा।

वहीं, दोपहर करीब 3 बजे इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान में 41 जिला प्रमुखों के पदों पर आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। 41 जिला परिषदों में जिला प्रमुख पद 8 एससी, 7 एसटी और 5 ओबीसी के लिए रिजर्व होंगे। वहीं 5 जिला परिषदों में ओबीसी के निकाय प्रमुख बनेंगे।

एससी महिला – ऐसी सीटों पर अनुसूचित जाति की ही महिला प्रत्याशी बन सकती है।

एसटी ओपन – ऐसी सीटों पर अनुसूचित जनजाति से पुरुष या महिला, कोई भी प्रत्याशी बनाया जा सकता है।

एसटी महिला – ऐसी सीटों पर अनुसूचित जनजाति की ही महिला को प्रत्याशी बनाया जा सकता है।

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