प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया मोबाइल कांग्रेस में शामिल हुए
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दूसरे दिन पीएम मोदी ने कहा कि आज सरकार की बैंक, अस्पताल, सरकारी दफ्तर जैसी सैकड़ों सर्विसेज मोबाइल पर हैं।

वहीं उन्होंने बताया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से अब तक करीब ₹50 लाख करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। इस सिस्टम की वजह से बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर रोक लगी और लगभग ₹5 लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बच गए।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस का AIऔर 6G पर फोकस रहेगा। 2017 में हुआ पहला इवेंट सिर्फ भारत पर फोकस्ड था, अब 100 से ज्यादा देश शामिल हुए हैं।

पीएम बोले- मोबाइल सिर्फ गपशप या चैट करने का जरिया नहीं, 5 बड़ी बातें
1. अब सिर्फ बातचीत का साधन नहीं रहा मोबाइल
पीएम मोदी ने कहा कि आज मोबाइल फोन केवल गपशप या चैट करने का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह आम लोगों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। भाषा या दूरी की रुकावटें खत्म हो गई हैं। अब लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बच रहा है।
2. मोबाइल गुड गवर्नेंस का बड़ा औजार बना
भारत में टेलीकॉम का मतलब अब सिर्फ नेटवर्क, स्पेक्ट्रम या इंटरनेट स्पीड तक सीमित नहीं है। पीएम ने कहा कि भारतीयों के लिए यह इससे कहीं आगे की चीज है।

3. जिनकी काली कमाई बंद हुई, वो मोदी को पसंद नहीं करेंगे
डीबीटी से हुई बचत पर विपक्ष और दलालों पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जिन लोगों की यह अवैध कमाई बंद हो गई है, वे जाहिर तौर पर मोदी को पसंद नहीं करेंगे। वे चाहे जितना भी शोर मचाते रहें, लेकिन हमने जनता का हक सीधे जनता तक पहुंचाने का पक्का संकल्प लिया था और इसे पूरा किया।”
4. देश में 5.5 लाख से ज्यादा 5G बेस स्टेशन लगे
भारत में टेलीकॉम सेक्टर के तेजी से बढ़ते दायरे का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि 2022 में इसी मंच से 5G की शुरुआत हुई थी और आज देश भर में 5.5 लाख से ज्यादा 5G बेस स्टेशन काम कर रहे हैं। भारत तकनीक अपनाने के मामले में दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से आगे बढ़ा है।






