पीपलू, टोंक। 1 घंटे पहले

जन्म-मृत्यु पंजीकरण को धोखाधड़ी से बचाने और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त नियम बनाए हैं। अब सत्यापन का स्तर और सख्त हो गया है। खासकर पुराने और देरी से किए गए आवेदनों में दस्तावेजों की बारीकी से जांच होगी।

नए नियमों के अनुसार, जन्म या मृत्यु होने के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना जरूरी है। इस समय सीमा में पंजीकरण कराने पर प्रक्रिया आसान और मुफ्त रहेगी।
21 दिन बाद आवेदन पर देरी का शुल्क लगेगा। 30 दिन से 1 साल तक रजिस्ट्रार की अनुमति व शुल्क से ही पंजीकरण होगा। एक साल से पुराने मामलों में एसडीएम या डीएम के आदेश के बाद जांच पूरी कर पंजीकरण किया जाएगा।
प्रशासन का मकसद फर्जी प्रमाण पत्रों पर रोक लगाना है। जनता से अपील है कि परेशानी या ज्यादा शुल्क से बचने के लिए 21 दिन के अंदर ही जन्म-मृत्यु का पंजीकरण कराएं।





