
राजस्थान में मानसून फिर से एक्टिव हो गया है। आज भी 12 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी है। बीते 24 घंटे में जयपुर सहित 10 जिलों में 2 इंच तक पानी बरसा है।
झालावाड़ में कालीसिंध नदी में लगातार पानी आने से बांध का एक गेट खोलकर 8 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कोटा के नोनेरा बांध से खोले गए 3 गेट की संख्या बढ़ाकर 13 कर दी गई है। बांध से 1.80 लाख क्यूसेक पानी कालीसिंध नदी में छोड़ा जा रहा है।
इधर कोटा बैराज, जवाहर सागर, बीसलपुर, ईसरदा, गालवा, गुढ़ा बांध में भी पानी की आवक हो रही है, जिससे इन बांधों का जलस्तर बढ़ गया।
28 अगस्त से राज्य में मानसून के सुस्त पड़ने और अगले तीन-चार दिन बारिश बहुत कम होने की संभावना है।
प्रदेश में बारिश की स्थिति

मानसून के बड़े अपडेट्स
करौली में सबसे ज्यादा बारिश: पिछले 24 घंटे में जयपुर, भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, करौली, कोटा, झालावाड़, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और सिरोही में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे ज्यादा बरसात करौली के सपोटरा में 47MM दर्ज हुई।
बांधों में पानी आया: त्रिवेणी नदी 2.30 मीटर से ज्यादा लेवल पर चलने के कारण बीसलपुर बांध का गेज बुधवार को 4 सेमी.बढ़ गया। नोनेरा बांध की कुल भराव क्षमता 217 मीटर है। इसमें 214.50 मीटर पर पानी की निकासी की जा रही है। बांध के जेईएन मनोज चौधरी ने बताया- पानी की निकासी से कालीसिंध और चम्बल नदी के किनारे बसे गांवों को अलर्ट किया गया है।
पश्चिम में गर्मी, गंगानगर-बीकानेर में पारा 40 पार
बुधवार दिन में सबसे ज्यादा गर्मी गंगानगर में रही, जहां का अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। लगातार हो रही बारिश से पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के शहरों में गर्मी, उमस से राहत है। यहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ।
राजस्थान में मौसम की तस्वीर

कोटा के नोनेरा बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश के चलते जलस्तर बढ़ रहा है।

जयपुर में बुधवार को तेज बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया।


कमजोर रहेगा मानसून
मौसम विशेषज्ञों ने बताया- मानसून ट्रफ अभी जम्मू, देहरादून, शाहजहांपुर से होकर दक्षिणी उत्तर प्रदेश, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, रांची, दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। उत्तर भारत में मानसून ट्रफ होने से राजस्थान में मानसून कमजोर रहने की प्रबल संभावना है। 28 अगस्त से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने, हल्की धूप रहने के साथ तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है।







