
कृषि विभाग की दूनी क्लस्टर मासिक बैठक बुधवार को हुई। इसकी अध्यक्षता संयुक्त निदेशक कृषि रामलाल जाट ने की। बैठक में खरीफ सीजन की स्थिति, उर्वरक उपलब्धता, फसल कटाई प्रयोग और विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई।
संयुक्त निदेशक रामलाल जाट ने कृषि पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें।
उर्वरक वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) को प्रभावी ढंग से चलाने पर जोर दिया गया। इससे बिक्री व्यवस्था पारदर्शी बनेगी और किसानों को समय पर खाद मिल पाएगा।
फसल कटाई प्रयोगों को विभागीय मानकों के अनुसार समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। इन्हें फसल बीमा ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज करने को कहा गया। सहायक निदेशक कृषि सांख्यिकी लक्ष्मी नारायण शर्मा ने फार्म संख्या-1 समय पर तहसीलों में जमा करने को कहा।
सहायक निदेशक प्रकाश सिंह यादव ने प्राकृतिक खेती की स्थिति बताई। कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने कृषि यंत्र, तारबंदी, सिंचाई पाइपलाइन और मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना की प्रगति की जानकारी दी।
एग्री क्लीनिक प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने खरीफ फसलों में कीट और रोगों के सही तरीके से नियंत्रण की जानकारी दी। कृषि अधिकारी अमीना मीणा ने खरीफ प्रदर्शनों पर बात की। कृषि अनुसंधान अधिकारी दिव्या गौड़ ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर दिया। बैठक में सहायक कृषि अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षक और विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।






